बेल्थरा रोड, बलिया। जनपद के आखिरी छोर पर मऊ जिले की सीमा से सटे बेल्थरा रोड तहसील मुख्यालय से लगभग 9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सोनाडीह में मां भागेश्वरी परमेश्वरी मंदिर पूर्वांचल के पौराणिक स्थलों में से एक है।
शारदीय और वासंतिक नवरात्रि में श्रद्धालुओं की यहां भारी भीड़ लगती है। नवरात्रि के प्रथम दिन से श्रद्धालुओं के पूजन अर्चन से यहां भारी भीड़ लग रही है, कल रामनवमी से लगने वाले मेले की सारी तैयारियां पूर्ण हैं।
मां भागेश्वरी-परमेश्वरी के बारे में जनश्रुतियों से पता चलता है कि सोनाडीह के आसपास महाहनु नामक राक्षस का आतंक था वह यहां होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों में विघ्न डालता और मां के भक्तों को मारते-पिटते हुए परेशान करता। भक्तों की दुर्दशा को देख मां भागेश्वरी परमेश्वरी सबक सिखाने हेतु महाहनु के सामने पहुंचीं, मां के अनुपम सौंदर्य को देख महाहनु ने उनसे विवाह का प्रस्ताव रखा यह सुन माता ने कहा कि तुम एक रात में सरयू नदी से सोनाडीह तक नाला खोद कर ला दो तो विवाह संभव है। मां भगवती की बात को मानते हुए उसने सायं काल से ही नाला खोदना शुरू कर दिया अभी वह सोनाडीह से कुछ दूरी तक ही नाला खोद पाया था कि सूर्योदय हो गया लेकिन उसके बाद भी वह मां भगवती से विवाह की जिद पर पड़ा रहा। फलस्वरूप मां भगवती और महाहनु के बीच संग्राम शुरू हो गया जिसमें महाहनु मारा गया। महाहनु द्वारा खोदे गए नाले का नाम हाहा नाला और संग्राम के समय हुए रक्तपात से ताल रक्तोय का निर्माण हुआ जिसे कालांतर में ताल रतोय के नाम से जाना गया।
रामनवमी से लगने वाले मेले में सीवान, देवरिया, गोरखपुर, मऊ, गाजीपुर, वाराणसी सहित पूर्वांचल से श्रद्धालु व दुकानदार यहां पहुंचते हैं। यहां श्रद्धालु अपने बच्चों के उपनयन संस्कार सहित शादी विवाह के संस्कार भी पूर्ण करने आते हैं। मेले की सुरक्षा चाक चौबंद हो इसके लिए अपर पुलिस अधीक्षक ए.के. झा ने सोनाडीह मेले का दौरा कर निरीक्षण किया । मेले के सुरक्षा हेतु 10 उप निरीक्षक, 10 महिला पुलिस, 50 पुलिस कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल की तैनाती सहित 1.5 सेक्शन पीएसी तथा फायर टेंडर की अस्थाई व्यवस्था कर अवांछनीय तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।



