बलिया। मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज ने बताया है कि घरेलू विद्युत उपभोक्ता द्वारा पी०एम० सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अन्तर्गत निजी आवासों में ग्रिड कनेक्टेड सोलर रूफटॉप पावर प्लांट लगाये जाने हेतु एम.एन.आर.ई. भारत सरकार द्वारा नेशनल पोर्टल विकसित किया गया है। योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु उपभोक्ता द्वारा नेशनल पोर्टेल- https:// pmsurvghar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। संयंत्र की स्थापना हेतु प्रति किलोवाट 10 वर्गमीटर छाया रहित छत की आवश्यकता होती है। उपभोक्ता द्वारा इम्पैनलड वेण्डरों का चयन कर अपने यहां संयंत्र की स्थापना करायी जाती है।
एक से दस किलोवाट क्षमता के संयंत्र का अनुमानित मुल्य प्रति किलोवाट लगभग रू० 60 से 65 हजार प्रति किलोवाट के मध्य आता है। संयत्र की स्थापना उपरान्त केन्द्र एवं राज्य सरकार से प्राप्त अनुदान उपभोक्ता के खातों में प्राप्त होता है। योजना हेतु भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा अनुमन्य अनुदान निर्धारित किया गया है। जिसमें 01 कि0वाट 45 हजार, 02 किo वाट 90 हजार, 03 कि०वाट एक लाख 08 हजार एवं 03 कि0वाट से अधिक एक लाख 08 हजार निर्धारित किया गया है। उपभोक्ता द्वारा स्थापित 01 किलोवाट के रूफटॉप संयंत्र से औसतन प्रतिदिन 4-5 यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। संयंत्र से उत्पादित विद्युत का उपभोग भवन स्वामी द्वारा करने के उपरान्त अवशेष विद्युत ग्रिड में चली जाती है, जिसका नेटमीटरिंग के माध्यम से विद्युत बिल में समायोजन संबंधित डिस्काम द्वारा किया जाता है। उपभोक्ता द्वारा सोलर संयंत्रो की स्थापना में व्यय की गयी धनराशि की प्रतिपूर्ति विद्यत बिल के बचत के रूप में 3 से 4 वर्षों में वसूल हो जाती है। संयत्र का जीवनकाल लगभग 25 वर्ष का होता है और शेष 21 वर्षो तक संयंत्र से उत्पादित विद्युत उपभोक्ता को निःशुल्क प्राप्त होगी।



