गोरखपुर। 31 अगस्त, 2025। आरडीएसओ के महानिदेशक उदय बोरवणकर कल (01 सितम्बर 2025) पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक का अतिरिक्त पदभार ग्रहण करेंगे। श्री बोरवणकर भारतीय रेल प्रबंधन सेवा के अधिकारी हैं।
वाराणसी से प्रारंभिक शिक्षा के उपरांत श्री बोरवणकर 1985 में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा प्रतिष्ठित स्पेशल क्लास रेलवे अप्रेंटिस के लिए चयनित हुए। भारतीय रेल यांत्रिक इंजीनियरिंग संस्थान, जमालपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद पश्चात उन्होंने मुंबई से स्नातकोत्तर (एम.बी.ए.) की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने आईआईटी, खड़गपुर से इलेक्ट्रॉनिक्स, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद एवं बोक्कोनो स्कूल ऑफ बिजनेस (मिलान) से बिजनेस मैनेजमेंट तथा ग्राज विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रिया से सिविल इंजीनियरिंग में प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
श्री बोरवणकर ने मध्य रेलवे, पश्चिम रेलवे, दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे, पश्चिम मध्य रेलवे, रेलवे बोर्ड तथा प्रतिनियुक्ति पर खान मंत्रालय एवं महा मेट्रो में पिछले 35 वर्षों में अनेक चुनौतीपूर्ण पदों पर उत्कृष्ट सेवाएँ दी हैं।
अपर मंडल रेल प्रबंधक/नागपुर, रेलवे बोर्ड में कार्यकारी निदेशक, नागपुर मेट्रो में परिचालन एवं प्रबंधन के प्रभारी, मंडल रेल प्रबंधक/भोपाल तथा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे एवं पश्चिम रेलवे के प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया है।
अगस्त 2024 से आरडीएसओ के महानिदेशक के रूप में आप भारतीय रेल में आधुनिक तकनीक के समावेश के अग्रदूत रहे हैं और कवच, वंदे भारत ट्रेनें, हाइड्रोजन ट्रेन, ‘एआई एवं ड्रोन आधारित तकनीक’ डास (डी.ए.एस.)जैसे महत्वपूर्ण अभियानों का नेतृत्व कर रहे हैं।
श्री बोरवणकर एक अच्छे पाठक, प्रख्यात वक्ता हैं और उन्हें जैविक खेती, फोटोग्राफी तथा भारतीय संगीत में विशेष रुचि है। तकनीकी और प्रबंधकीय नेतृत्व के साथ ही आपने पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा और गुणवत्ता प्रणाली प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।