मऊ। भारतीय संस्कृति में नारी को देवी कहा जाता है। मानवीय जीवन शक्ति को जन्म देनी वाली नारी को अधिकार एवं समाज में उनको स्थान दिलाने की दिशा में अभी बहुत कार्य किया जाना शेष है। महिलाओं के बगैर समाज की कल्पना असंभव है। ऐसे में उनके सामाजिक-आर्थिक और पारिवारिक अधिकारों की दिशा में सम्यक कदम उठाने की आवश्यकता है। यह उदगार प्रसिद्ध बांझपन रोग विशेषज्ञ, डायरेक्टर डॉ एकिका सिंह के हैं।
अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर शारदा नारायण हास्पिटल में आयोजित निःशुल्क परामर्श एवं जांच शिविर कार्यक्रम में वह रविवार को बोल रहीं थीं। डॉ सिंह ने बताया कि इस वर्ष महिला दिवस की थीम ‘‘गीव टू गेन" है जिसका आशय जब हम दूसरों को सहारा देते हैं तो पूरी मानवता को लाभ होता है।
कार्यक्रम में संस्थान निदेशक डॉ संजय सिंह, मेडिकल डायरेक्टर डॉ सुजीत सिंह ने भी महिला दिवस की उपादेयता पर विस्तार से प्रकाश डाला । डॉ स्निग्धा सोनल, डॉ ईना यादव, डॉ आभा ऐश्वर्या व डॉ मलिक रहमान ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर अपने विचार रखे। इस दौरान डॉ एकिका सिंह ने सभी महिला स्टाफ एवं सहित दंपत्तियों को सम्मानित किया।



