बलिया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया के सचिव (पूर्णकालिक) चन्द्र प्रकाश तिवारी के आदेशानुसार श्रम विभाग के सहयोग से गांव सरवार काकरघटा में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में पैरालीगल वालंटियर्स प्रवीण कुमार चौबे एवं सत्येन्द्र पाठक ने बालकों के संरक्षण से संबंधित अधिकारों पर ग्रामीणों को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को हर प्रकार के शोषण से संरक्षण प्रदान करने के लिए भारतीय संविधान में विभिन्न कानूनी प्रावधान किए गए हैं।
वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ना माता-पिता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यदि बच्चों को उचित शिक्षा और मार्गदर्शन मिले तो वे भविष्य में परिवार, समाज और देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने बाल श्रम के दुष्परिणामों पर भी प्रकाश डालते हुए ग्रामीणों से बच्चों को विद्यालय भेजने और उनके अधिकारों की रक्षा करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में श्रम विभाग के कर्मचारी रौशन सिंह एवं जितेन्द्र चौधरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से बाल श्रम उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।



