बलिया। समाजवादी अल्पसंख्यक सभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश सचिव अमानुल हक़ अब्बासी एडवोकेट ने भारतीय जनता पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा मदरसों को आतंकवाद का अड्डा कहे जाने की कड़ी निंदा करते हुए इसे एक असंवैधानिक कदम बताया है।
प्रदेश सचिव श्री अब्बासी ने एक बयान में कहा कि केशव प्रसाद मौर्य की यह भाषा अंग्रेजी हुकूमत की भाषा है क्योंकि जब हिंदुस्तान पर अंग्रेजी हुकूमत थी तो उन्हें मदरसों से डर लगता था और मदरसों ने हिंदुस्तान की आज़ादी में अहम भूमिका निभाई और अंग्रेजी हुकूमत को हिंदुस्तान से खदेड़ने का काम किया अहमद हुसैन देवबंदवी ने फतवा देकर अंग्रेजी हुकूमत में नौकरी करने को हराम करार दिया जिसके बदले में उन्हें फांसी हुई। मदरसे में ही पढ़कर देश के पहले राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद ने देश की सेवा की। मदरसों के प्रति इस तरह का घटिया बयान संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का देना देश की एकता और अखंडता के लिए ठीक नहीं है। चूंकि इनके पुरखों ने देश के लिए कभी कुर्बानी नहीं दी है बल्कि अंग्रेजी हुकूमत की चाटुकारिता की और हुकूमत को माफीनामा सौंप कर पेंशन लिया है इसलिए ये मदरसों और कुर्बानी की अहमियत को नहीं समझ सकते। यह लोग हिंदुस्तान के पहले आंतकवादी महात्मा गांधी के क़ातिल नाथूराम गोडसे के समर्थक हैं। इन लोगों का देश की आज़ादी से कोई लेना-देना नहीं रहा है और न ही इन लोगों से कभी देश का भला हो सकता है। ये लोग नफ़रत कि सियासत करने में माहिर हैं देश प्रदेश की जनता को इन लोगों से सावधान रहने की ज़रूरत है।



