बलिया। प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति का सामना कर रहे किसानों को आर्थिक राहत देने के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को मुख्यमंत्री ने गोरखपुर से आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से बाढ़, अतिवृष्टि और चक्रवात से प्रभावित प्रदेश के नौ लाख से अधिक किसानों को ₹ 493 करोड़ की कृषि निवेश अनुदान राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की। इस पहल के तहत जनपद बलिया के लगभग 4,600 प्रभावित किसानों के लिए ₹ 3.10 करोड़ की सहायता राशि निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के क्रम में बलिया जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार सहित तहसीलों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की उपस्थिति में 100 किसानों को प्रतीकात्मक रूप से डमी चेक वितरित किए गए। इस दौरान आपदा प्रभावित किसानों को फसल क्षति के सापेक्ष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में प्राकृतिक आपदाओं के कारण लगभग 4,600 किसान प्रभावित हुए हैं। जिले के 100 गांवों में करीब 1,500 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचने का आकलन किया गया है। प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए कुल ₹ 310 लाख की सहायता राशि निर्धारित की गई है, जिसे पात्र किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे भेजा जा रहा है। निर्धारित सहायता राशि के अनुसार, चक्रवात से प्रभावित लगभग 300 किसानों के लिए ₹ 30 लाख तथा बाढ़ से प्रभावित करीब 4,300 किसानों के लिए ₹ 280 लाख की सहायता निर्धारित की गई है। इस प्रकार दोनों श्रेणियों के किसानों के लिए कुल ₹3.10 करोड़ की राहत राशि तय की गई है। सहायता राशि को कोषागार के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में सीधे प्रेषित किया जा रहा है, जिससे उन्हें फसल क्षति के बाद आर्थिक संबल मिल सके। किसान संघ ने सरकार के कदम को सराहा
कार्यक्रम में उपस्थित किसान संघ के अखिलेश सिंह ने किसानों को समय से मुआवजा उपलब्ध कराने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार द्वारा समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना एक सार्थक कदम है। इससे प्रभावित किसानों को कठिन परिस्थितियों में राहत मिलेगी।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अनिल कुमार, उपजिलाधिकारी सदर गोपेश तिवारी, तहसीलदार अभिषेक कुमार, कृषि विशेषज्ञ पीयूष कुमार सिंह, नायब तहसीलदार प्रदीप यादव सहित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम के सदस्य उपस्थित रहे।



