बेल्थरा रोड, बलिया। बलिया जिले के उभांव थानांतर्गत खैरा खास निवासी मुकेश यादव की जिला जेल मऊ में आत्महत्या व पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे शव का आज सोमवार दोपहर में काफी मान-मनौव्वल के बाद घाघरा नदी के तट पर प्रशासन की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
ज्ञात हो कि पाक्सो एवं दुष्कर्म के आरोप में जिला कारागार मऊ में बंद मुकेश यादव (उम्र 24 वर्ष) पुत्र तेजू यादव निवासी खैरा खास थाना उभांव जनपद बलिया ने शनिवार शाम को संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर लिया। हालांकि लगातार मुकेश की पत्नी और मुकेश शोभा का आधार कार्ड दिखाते रहे जिसमें वह न सिर्फ बालिग है बल्कि 23 वर्ष की है और मंदिर में शादी कर शादीशुदा भी हैं ।
मुकेश के परिजनों को मनाने में प्रशासन के हाथ-पांव फूले
शनिवार शाम से प्रशासन मुकेश के परिजनों पर पोस्टमार्टम करा कर शव को घर लाने का दबाव बनाने लगा।इस बीच मौत की खबर सुनकर मुकेश की गर्भवती पत्नी शोभा जिसके दुष्कर्म के आरोप में वह बंदी था, वह बेहोश हो गई। बेहोशी की हालत में पड़ोसी उसे सीएचसी सीयर ले आए जहां इलाज के बाद वह अपने ससुराल पहुंच गई।
प्रशासन के दबाव के बाद भी परिजन मऊ जाने और पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हुए तथापि गांव के ही पांच लोग पोस्टमार्टम कराकर शव को लेकर सोमवार की सुबह खैरा खास पहुंच गए। परिजन व मुकेश की पत्नी शोभा शासन-प्रशासन से अत्यंत गरीब परिवार के लिए रहने के लिए आवास, खेती के लिए जमीन, अहैतुक सहायता सहित सरकारी नौकरी की मांग सहित जिला अधिकारी को बुलाने की बात करते रहे। शव का अंतिम संस्कार कराने में प्रशासन के पसीने छूट गए। परिजनों का साफ कहना था कि मुकेश आत्महत्या कर ही नहीं सकता उसे साजिशन फंसाया गया और मारा गया है, उन्होंने इसकी उच्च स्तरीय जांच की भी मांग की।
इस दरमियान एडीएम बलिया, एएसपी बलिया, उपजिला अधिकारी बेल्थरा रोड, तहसीलदार बेल्थरा रोड सहित प्रशासन के तमाम लोग परिजनों के सामने लाचार नजर आए। इस बीच पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया था। स्थिति को संभालने के लिए पांच थानों की पुलिस के साथ निरीक्षक, उप निरीक्षक, कांस्टेबल, महिला कांस्टेबल, पीएसी के जवान सहित दो-दो क्षेत्राधिकारी मौजूद रहे।
इस बीच विधायक हंसूराम भी आए और चले गए। बात तब बनी जब भाजपा के वरिष्ठ नेता व विधानसभा बेल्थरा रोड के पूर्व प्रत्याशी छट्ठू राम पहुंचे। एडीएम बलिया और भाजपा नेता छट्ठू राम के मान-मनौव्वल के बाद पांच सूत्रीय मांग पत्र के बाद सहमति बनी और अंतिम संस्कार हो सका। मृतक की पत्नी शोभा को छट्ठू राम द्वारा लगातार समझाते व संभालते हुए देखा गया।
अब सवाल यह उठता है कि थाने में प्राथमिकी कौन दर्ज कराया ? नाबालिग होने का साक्ष्य किसने दिया जबकि दोनों आधार कार्ड के हिसाब से बालिग थे ? किसके दबाव में मुकेश पर पाक्सो व दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ ? मऊ जेल में मुकेश ने कैसे आत्महत्या की ? पुलिस प्रशासन द्वारा परिवार वालों पर पोस्टमार्टम के लिए दबाव क्यों बनाया गया ? गांव के वे कौन पांच लोग हैं जिनकी उपस्थिति व सहमति से पोस्टमार्टम हुआ..?
इन अनुत्तरित प्रश्नों के उत्तर कौन देगा...?



