इंदिरा गांधी महिला महाविद्यालय में प्रशिक्षण संग हुआ स्वास्थ्य परीक्षण

जीवन रक्षा का अचूक अस्त्र है सीपीआर- डॉ सुजीत सिंह

मऊ। सोसाइटी ऑफ इमरजेंसी मेडिसीन यूपी चेप्टर और शारदा नारायण हाॅस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में आज शनिवार को राजीव गांधी महिला महाविद्यालय में सीपीआर प्रशिक्षण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर शारदा नारायण हाॅस्पिटल मऊ के मेडिकल डायरेक्टर डॉ सुजीत सिंह ने सोसाइटी ऑफ इमरजेंसी मेडिसीन यूपी चेप्टर और शारदा नारायण हाॅस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में राजीव गांधी महिला महाविद्यालय में आयोजित सीपीआर प्रशिक्षण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम में बोलते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिया ।
उन्होंने बताया कि गंभीर हो रहे मरीज के हृदय और फेफड़ों की क्रिया को बनाये रखने के लिए सीपीआर किया जाता है। जब किसी व्यक्ति का हृदय रक्त पंप करना बंद कर देता है या सांस रुक जाती है तो उसे तुरंत आक्सीजन की आवश्यकता होती है। सीपीआर मस्तिष्क एवं अन्य महत्वपूर्ण अंगों में आक्सीजन युक्त रक्त पहुंचाने में मदद करता है जो कुछ ही मिनटों में क्षतिग्रस्त होने से बचाता है। इससे जान बचने की संभावना दोगुनी या तिगुनी हो जाती है। इमरजेंसी की स्थिति में सीपीआर जीवन रक्षा का अचूक अस्त्र है।   
डॉ सिंह ने बताया कि जब किसी व्यक्ति का दिल धड़कना बंद कर दे या व सांस नहीं ले रहा हो जिससे मस्तिष्क तक आक्सीजन पहुंच सके तो इस समय में सीपीआर के माध्यम से उसे तत्काल आपातकालीन चिकित्सा प्रदान की जा सकती है। निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ इना यादव, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ मालविका राय, डॉ दीक्षा सिंह, डॉ सरिता मौर्य ने 196 लोगों का परीक्षण कर दवाएं प्रदान किया। इस दौरान न्यूरोपैथी, लंग्स, लिपिड प्रोफाइल, ब्लडप्रेशर व शुगर की जांच किया गया।


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