चौक स्थित सुन्दर जी की प्रतिमा पर अशोक जी, मोहन जी श्रीवास्तव, विजय मिश्र, डॉ० आदित्य कुमार अंशु', डॉ० राजेन्द्र भारती, दुष्यन्त सिंह, नारायण जी पाण्डेय, डॉ० अरविन्द उपाध्याय, डॉ० जनार्दन चतुर्वेदी, हरे राम जी, डॉ० भोला प्रसाद आग्नेय, डॉ० जनार्दन चतुर्वेदी कश्यप, रमाशंकर वर्मा मनहर आदि ने उनके चित्र पर माल्यार्पण किया। उसके बाद चलता पुस्तकालय में डॉ० रघुवंश मणि पाठक की अध्यक्षता में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य कोषागार अधिकारी आनन्द दूबे रहे तथा संचालन मोहन जी श्रीवास्तव ने किया।
इस अवसर पर कवियों द्वारा पं० जगदीश ओझा "सुन्दर" जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए नमन किया गया। मुख्य अतिथि ने अपने सम्बोधन में कहा कि बागी बलिया से ब्रिलिएण्ट बलिया तक का सफर करना जरूरी हो गया है, तभी बलिया विश्वपटल पर अपनी छाप छोड़ेगा। बलिया नित्य नये-नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।



