सिकन्दरपुर, बलिया। सरयू तटवर्ती ग्राम डूहा बिहरा ( डूहा ) में स्थित अद्वैत शिवशक्ति परमधामपीठ में मकर संक्रान्ति के शुभ अवसर पर 15 जनवरी 2026 ई० को जन-आस्था की अप्रत्याशित भीड़ उमड़ पड़ी। आज गुरुवार को प्रातः पुण्यकाल में सरयू स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने परमधामपीठ के आदि संस्थापक ब्रह्मलीन सन्त-सद्गुरु परम पूज्य स्वामी ईश्वरदास ब्रह्मचारी जी महाराज की समाधि मन्दिर पर माथा टेका, इसी क्रम में गुरुधाम और परमधाम मन्दिर में भी देवदर्शन एवं पूजनार्चन किया।
सन्तों का यह पदमर्दित क्षेत्र सदियों से जन-जन की श्रद्धा, आस्था और विश्वास का केन्द्र रहा है। श्री मौनी जी महाराज के पूर्ववर्ती सिद्ध सन्त श्री जंगलीनाथ और इनसे भी पहले सिद्धयोगी श्री वनखण्डीनाथ इसी, धराधाम पर जप तप ध्यान साधना कर चुके हैं। अवधपथगामिनी भगवती सरयु का शीतल निर्मल जल इस धराधाम की पावनता में चार चाँद लगा देता है। कार्तिक पूर्णिमा, मकर संक्रान्ति और मौनी अमावस्या पर यहाँ पहले आध्यात्मिक गोष्ठियाँ हुआ करती थीं जो कालान्तर में मेला के रूप में परिवर्तित हो गयीं।सादर सूच्य है, कि पूज्य गुरुवर श्री मौनी बाबा के उत्तराधिकारी वर्तमान मौनव्रती श्री शिवेन्द्र बह्मचारी जी का दर्शन प्राप्त कर दर्शनार्थी वृन्द भाव विभोर हो रहे थे।
हजारों आगन्तुक श्रद्धालुओं ने परमधामपीठ के आश्रमवासियों की ओर से प्रदत्त पञ्चमेल प्रसाद ग्रहण कर तृप्ति का अनुभव किया। प्रसाद पवाने-पाने का सिलसिला सुबह से शाम तक चलता रहा।



