बलिया। जनपद के राजकीय बालगृह (बालिका) निधरिया की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने और बालिकाओं को बेहतर माहौल देने के लिए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जहां उन्होंने बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए परिसर के सौंदर्यीकरण और खेल सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए, वहीं परिसर में फैली गंदगी और कबाड़ को देख अधिकारियों की जमकर क्लास भी लगाई।
जिलाधिकारी ने बालिकाओं के शारीरिक विकास के लिए परिसर के भीतर आधुनिक सुविधाओं से लैस ओपन जिम, झूला, वॉलीबॉल और बैडमिंटन कोर्ट बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि खेल के मैदान तक पहुंचने के लिए 12 फीट चौड़ा रास्ता बनाया जाए। साथ ही बाउंड्री वॉल पर आकर्षक पेंटिंग और किनारे-किनारे अशोक व फूलों के पेड़ लगाकर परिसर को हरा-भरा करने को कहा। डीएम ने इन सभी कार्यों के लिए अगले दिन तक 'समग्र मास्टर प्लान' प्रस्तुत करने का कड़ा निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने बालिकाओं से सीधा संवाद किया। संवाद के दौरान पता चला कि इस वर्ष 6 बालिकाएं कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रही हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी को तत्काल उनकी सूची तैयार करने और उन्हें विशेष शैक्षणिक सहायता व संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अव्यवस्था पर डीएम की सख्ती, नीलामी के आदेश
बालगृह के कमरों, सीढ़ियों और बाथरूम में कबाड़ भरा देख जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद महिला अधिकारी को फटकार लगाते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी को समिति गठित कर कबाड़ की तत्काल नीलामी कराने का आदेश दिया। लाइब्रेरी के निरीक्षण के दौरान वहां पर्याप्त रोशनी न होने पर उन्होंने तुरंत इन्वर्टर लगाने और पानी के आरओ (RO) प्लांट को व्यवस्थित जगह शिफ्ट करने को कहा।
डीएम ने सुरक्षा के मद्देनजर अंदरूनी हॉल में सीसीटीवी कैमरे बढ़ाने, टूटी हुई खिड़कियों के शीशे तत्काल बदलने और खाद्य सामग्री को स्टोर रूम में व्यवस्थित तरीके से रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बालिकाओं की सुरक्षा और सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी।
इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।



