मऊ। हाई ब्लडप्रेशर के कारण शरीर की नसों में खून का दबाव बढ़ जाता है। इससे नींद की समस्या, हार्ट अटैक का खतरा, ब्रेन अटैक की समस्या सहित अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में अनियमित जीवनचर्या और अनापेक्षित काम के दवाब के कारण युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर का खतरा तेजी से भयावह रुप लेता जा रहा है। सिरदर्द, धुंधली दृष्टि, चक्कर आना, थकान व सांस लेने की तकलीफ इसके प्राथमिक लक्षण हैं। इसकी समय से देखभाल न होने से यह हृदय, किडनी और आंखों जैसे महत्वपूर्ण अंग को क्षति पहुंचा सकती है। प्रसिद्व चिकित्सक, निदेशक शारदा नारायण हास्पिटल डॉ संजय सिंह ने यह उदगार शुक्रवार को शारदा नारायण हास्पिटल द्वारा पूराघाट निजामुद्दीनपुरा में लगाये गये निःशुल्क चिकित्सा शिविर में व्यक्त किया।
मेडिकल डायरेक्टर डॉ सुजीत सिंह ने बताया कि हाइपरटेंशन को नियंत्रित करने के लिए प्रतिदिन आधा घंटा व्यायाम-योग क्रिया, कम नमक का सेवन, धुम्रपान सहित नशा से परहेज, कम से कम सात घंटा की नींद पूरा करते हुए तनाव से मुक्त रहने की नितांत आवश्यकता है। युवाओं को अत्यधिक मोबाइल के प्रयोग से बचना चाहिए। शिविर में 284 लोगों का शुगर, ब्लड प्रेशर, आंख व ईसीजी, पीएफटी, पीएफआर की निःशुल्क जांच एवं दवाओं का वितरण किया गया। पुराघाट के पारा इलाका वार्ड चार स्थित मदरसा में डॉ राहुल कुमार, डॉ रहमान मलिक, डॉ ईना यादव, डॉ मालविका राय, डॉ नवीन, डॉ सतीश, डॉ देवेश, डॉ सरिता ने प्रतिबद्धता के मरीजों की सेवा करते रहे।



