बलिया। अपराध छिपाने की कोशिश बलिया के एक थाना प्रभारी को अब बहुत महंगी पड़ गई है। बलिया के बैरिया इलाके में हुई लूट की वारदात को 'महज चोरी' के रूप में दर्ज करने के खेल का भंडाफोड़ खुद आजमगढ़ रेंज के डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने किया है। नतीजा यह हुआ कि तत्कालीन थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया है।
8 फरवरी की रात बैरिया के भीखा छपरा नई बस्ती में मोतीलाल गोंड के घर बदमाशों ने असलहों के बल पर लूटपाट की थी। लेकिन बैरिया पुलिस ने इस बड़ी वारदात को गंभीरता से लेने के बजाय इसे 'चोरी' का रूप देकर रिपोर्ट दर्ज की थी।
बीती रात जब डीआईजी सुनील कुमार सिंह खुद घटनास्थल पर पहुँचे और पीड़ित परिवार से बारीकी से पूछताछ की, तो स्थानीय पुलिस की पोल खुल गई। डीआईजी ने मौके पर ही पुलिस को जमकर फटकार लगाई और साफ कहा कि 'अपराध को छोटा करके दिखाना खुद एक बड़ा अपराध है।'
डीआईजी के कड़े निर्देश के बाद, एसपी ओमवीर सिंह ने तत्कालीन थाना प्रभारी विपिन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आपको बता दें कि विपिन सिंह का तबादला एक दिन पहले ही चितबड़ागांव के लिए हुआ था, लेकिन जॉइन करने से पहले ही उन पर गाज गिर गई।
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया है कि लूट का सामान बरामद होगा और सभी अपराधी सलाखों के पीछे होंगे। इस मौके पर एसपी ओमवीर सिंह और क्षेत्राधिकारी फहीम कुरैशी सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा।



