रिपोर्ट -गौहर खान ब्यूरो बलिया
मौलाना सज्जाद रशीदी को “सरकारे आसी अवार्ड”, से 23 छात्र सम्मानित
सिकंदरपुर, बलिया। दारुल उलूम सरकारे आसी में 36वां दीक्षांत समारोह व जश्न-ए-दस्तारबंदी इंतिहाई अकीदत और शान-ओ-शौकत के साथ मुनअक़िद हुआ। इस मौके पर हाफ़िज़ 8, क़ारी 10 और आलिम 5 कुल 23 तलबा के सिर पर दस्तार सजाकर उन्हें सनद (प्रमाणपत्र) व प्रशस्ति-पत्र देकर नवाज़ा गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शेख अहमद अली (संजय भाई) रहे। ख़िताबत इम्तियाज़ अहमद बरकाती ने की, जबकि शायर अनवर अहमद अमजदी की पुरकशिश नात ख़्वानी ने महफ़िल का माहौल रूहानी बना दिया। समारोह की सदारत मौलाना सज्जाद रशीदी ने की तथा निज़ामत हसन राजा अतहर के ज़िम्मे रही।
इस अवसर पर “सरकारे आसी अवार्ड” मौलाना अब्दुल ग़फ़्फ़ार आज़मी के करकमलों से मौलाना सज्जाद रशीदी को पेश किया गया। मदरसे के प्रबंधक शेख अलीमुद्दीन ने अंगवस्त्र व अवार्ड देकर मेहमान-ए-ख़ुसूसी का इस्तिक़बाल किया।
एक शख़्सियत एक तालीमी तहरीक
मदरसा दारुल उलूम सरकारे आसी की पहचान, उसकी बुनियाद और उसकी बुलंदी अगर किसी एक शख़्सियत में सिमट जाए, तो वह नाम है मौलाना सज्जाद रशीदी साहब। आज दारुल उलूम सरकारे आसी जिस शान, बेहतरीन तालीमी माहौल और नुमायां नतीजों के साथ क़ायम है, वह उनकी दूरअंदेशी, मेहनत और ख़ुलूस की ज़िंदा मिसाल है।
तबीयत नासाज़ होने के बावजूद पूरे प्रोग्राम में उनका असर साफ़ महसूस किया गया। उनके नाम हुआ “सरकारे आसी अवार्ड” सिर्फ एक एज़ाज नहीं, बल्कि उनकी ज़िंदगी भर की ख़िदमात की तस्दीक है।
महफ़िल में बड़ी तादाद में उलेमा-ए-किराम, बुद्धिजीवी, सरपरस्त (अभिभावक) और स्थानीय अवाम मौजूद रही। मुक़र्रिरीन ने तलबा को तालीम के साथ अख़लाक़ अपनाने और ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ के लिए हमेशा तैयार रहने का पैग़ाम दिया। अम्न-ओ-इंतज़ाम क़ाबिले-तारीफ़ रहा।
आख़िर में मदरसा के प्रधानाचार्य मौलाना रहमतुल्लाह ने तमाम मेहमानों और शिरकत करने वालों का शुक्रिया अदा किया।
मौजूद शख़्सियात में मास्टर नजरुल बारी, शेख अनवर, शेख अली हैदर, मास्टर लतीफ़ (हिंदी), मास्टर एहसान, मौलाना अबुल मोहसीन, मौलाना खुर्शीद, क़ारी फ़िरोज़ अख्तर, मास्टर शोएब, हाफ़िज़ हामिद, मास्टर दानिश, अकरम ख़ान, मोज़म्मिल हुसैन तथा गौहर ख़ान (पत्रकार) शामिल रहे।



