मऊ में राष्ट्रीय पत्रकार संघ- भारत का पूर्वांचल सम्मेलन

शब्बीर अहमद बने पूर्वांचल प्रदेश अध्यक्ष, कई नए पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

मऊ। राष्ट्रीय पत्रकार संघ-भारत के तत्वावधान में उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में 'पूर्वांचल पत्रकार सम्मेलन, "पत्रकारिता आज और कल" विषयक गोष्ठी एवं अभिनन्दन समारोह' का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में घोसी के पूर्व सांसद अतुल राय और विशिष्ट अतिथि के रूप में सगड़ी विधायक डा० एच.एन. सिंह पटेल मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश सिंह एवं राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष पूनम सिंह ने संयुक्त रूप से की। इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन एवं कुशल संचालन राष्ट्रीय सचिव मुरली मनोहर पाण्डेय ने बेहद शानदार तरीके से किया।
मंच से सौंपी गई नई जिम्मेदारियां, शब्बीर अहमद बने पूर्वांचल अध्यक्ष
सम्मेलन के दौरान संगठन को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए मंच से कई नई जिम्मेदारियों की घोषणा की गई। बलिया के वरिष्ठ पत्रकार शब्बीर अहमद को 'पूर्वांचल प्रदेश अध्यक्ष' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके साथ ही, महेशानन्द श्रीवास्तव को गाजीपुर जिलाध्यक्ष और दिनेश चंद्र श्रीवास्तव को आजमगढ़ जिलाध्यक्ष व गोरखपुर जिलाध्यक्ष प्रमोद पाण्डेय को मनोनित किया गया। डॉ. विवेक सिंह और डॉ. ओ.पी. सिंह को मंच से विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कानून का 'डॉक्टर' बनने और विशेष कानून की उठी मांग
गोष्ठी को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता का धर्म सभी जाति और मजहबों से ऊपर उठकर कार्य करना है। वक्ताओं ने जोर देते हुए कहा कि जब तक पत्रकार 'गोपनीय अधिनियम की धारा 03' 04 और 'भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 173 व 173(3)' का गहन अध्ययन नहीं करेंगे, तब तक पुलिस उनकी तहरीर पर मुकदमे दर्ज नहीं करेगी। मंच से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एक 'विशेष कानून' बनाए जाने की पुरजोर मांग उठाई गई।
मीडिया सत्ता संरक्षित न हो- डा० एच.एन. सिंह पटेल 
सगड़ी विधायक डा० एच.एन. सिंह पटेल ने बलिया में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई 'उज्ज्वला योजना' के भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि जब योजना आई तो महिलाओं के फेफड़ों को धुएं से बचाने की बात कहकर मीडिया ने गैस की खूब तारीफ लिखी, लेकिन एलपीजी गैस किल्लत के बाद वही मीडिया फिर से चूल्हे और लकड़ी के फायदे गिनाने लगा। विधायक ने कहा, "आप सिर्फ खबर लिखने वाले लोग नहीं हैं, आप सरकारें बदल देते हैं। पत्रकारिता सत्ता संरक्षित नहीं होनी चाहिए। आप अपनी कलम से सोए हुए देश और सत्ता को जगाने का काम करें।"
बोलने की आजादी पर लगे हैं ताले, पत्रकार बनें कमजोरों की आवाज
मऊ नगरपालिका के चेयरमैन अरशद जमाल ने कहा कि आज के दौर में जब बोलने व लिखने की आजादी पर सरकार ने ताले लगा दिए हैं, तब पत्रकार और वकील ही समाज की असली आवाज बन रहे हैं। सपा जिलाध्यक्ष दूधनाथ यादव ने खबरों के सही प्रस्तुतीकरण पर ध्यान देने की बात कही। वहीं, कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि आज की मीडिया बड़े कॉर्पोरेट घरानों के हाथों की कठपुतली बन गई है।

मुख्य अतिथि एवं पूर्व सांसद अतुल राय ने कहा कि लोकतंत्र के चारों स्तंभों में मीडिया सबसे स्वतंत्र है। उन्होंने पत्रकारों को समाज के कमजोर वर्ग की आवाज बनने का आह्वान किया और उनके हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम को पूजा राय ने भी संबोधित किया।
इस पूर्वांचल सम्मेलन में बिहार, मध्य प्रदेश और यूपी के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों पत्रकारों का भव्य स्वागत किया गया। 
कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय सचिव भागवत द्विवेदी, प्रदेश अध्यक्षा ममता तिवारी, प्रदेश प्रवक्ता विनोद सिंह, मधुबन नगर पंचायत सभासद प्रेम भूषण पाण्डेय, उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह, मऊ जिलाध्यक्ष विजय जायसवाल, मऊ महिला जिलाध्यक्ष शिवानी शर्मा और आजमगढ़ महिला जिलाध्यक्ष पूजा सिंह मौजूद रहीं।
वहीं, बलिया जनपद से लगभग दो दर्जन पत्रकारों ने अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराई, जिनमें प्रमुख रूप से मंडल अध्यक्ष हरिनारायण जी, बलिया जिलाध्यक्ष दुर्गा शंकर सिंह सेंगर, बैरिया अध्यक्ष पंकज कौशिक, बांसडीह अध्यक्ष पिंटू तलवार, बिल्थरारोड अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह और सिकंदरपुर अध्यक्ष तौहीद खान सहित भारी संख्या में पत्रकार साथी मौजूद रहे।


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