पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल पर दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण परियोजनाओं के साथ इनफ्रास्ट्रक्चर के विकास का कार्य निरन्तर जारी है। इसी क्रम में, वाराणसी मंडल के भटनी-औंड़िहार रेलखण्ड पर पिवकोल-सलेमपुर-लाररोड (14.51 किमी) रेल खण्ड का दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण होने के उपरान्त आज बुधवार (25 मार्च, 2026) को रेल संरक्षा आयुक्त, उत्तर पूर्व सर्किल प्रणजीव सक्सेना द्वारा संरक्षा निरीक्षण किया गया।
इस निरीक्षण में उनके साथ पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) अभय कुमार गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक (वाराणसी) आशीष जैन सहित मुख्यालय, मंडल तथा रेल विकास निगम लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे ।
रेल संरक्षा आयुक्त, उत्तर पूर्व सर्किल श्री सक्सेना ने अपने निरीक्षण का आरंभ लाररोड रेलवे स्टेशन पर विद्युतीकरण के अनुरूप इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग, संरक्षा गेयरों के बदलाव, वी डी यू स्टेशन पैनल, रिले रूम के एक्सटेंशन, इंटीग्रेटेड पावर सिस्टम, ऑप्टिकल फाईबर रूम, यार्ड में पड़ने वाले समपार फाटकों 15 spl एवं 14 B1 के दोहरीकरण के अनुरुप विस्तार तथा स्टेशन पर दोहरीकरण के अनुरूप प्लेटफार्मों एवं पैदल उपरिगामी पुल के क्लियरेंस तथा मानक सूची और उपलब्धता के अनुसार यात्री सुविधाओं का निरीक्षण किया। इसके पश्चात पॉइन्ट 104 B तथा किमी सं-17/4-5 पर माइनर ब्रिज 24 ट्रैक की मानक दूरी एवं ड्रेनेज का निरीक्षण किया।
इसके पश्चात वे मोटर ट्राली से लाररोड -सलेमपुर रेल खण्ड का निरीक्षण करते हुए किमी 16/1 पर समपार सं-12 spl पर सडक की लेवलिंग, किमी सं-14/5-6 पर रेल अंडर ब्रिज के प्री कास्ट आर सी सी बॉक्स का, किमी सं- 12/9 पर समपार सं- 10 B2 के अपग्रेडेशन का, किमी सं-12/2 पर माइनर ब्रिज सं-16 के लेवल का, किमी सं-11/2-3 पर समपार सं-9 C एवं स्विच एक्स्टेन्शन जॉइंट का संरक्षा निरीक्षण करते हुए सलेमपुर स्टेशन पहुंचे। सलेमपुर स्टेशन पर दोहरीकरण सह विद्युतीकरण के अनुरूप स्टेशन के उपकरणों के बदलाव एवं यात्रियों की सुरक्षा के प्रबंध का निरीक्षण किया । इस दौरान उन्होंने स्टेशन के केंद्रीकृत वी डी यू पैनल, रिले रूम, पावर सप्लाई रूम आदि का निरीक्षण किया । इस दौरान उन्होंने सलेमपुर यार्ड में फेसिंग एवं ट्रेलिंग पॉइंट तथा स्टेशन तथा यार्ड में पड़ने वाले समपार संख्या 8/C पर निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज का संरक्षा निरीक्षण कर संरक्षा परखी।
इसके उपरान्त रेल संरक्षा आयुक्त मोटर ट्राली से सलेमपुर-पिवकोल ब्लाक सेक्शन का निरीक्षण करते हुए आगे बढ़े और इस खण्ड में पड़ने वाले माइनर ब्रिजों फाउंडेशन (कास्ट आयरन एवं आर सी सी ) पाइप तथा कुशनिंग की जाँच करते हुए किमी सं-6/3-4 पर माइनर ब्रिज सं-08 पर पहुंचे और उसके पुनर्निर्माण का निरीक्षण करते हुए पिवकोल पहुंचे इस दौरान उन्होंने इस रेल खण्ड पर रेल पथ जड़ाई, बैलास्ट फैलाई, ओवर हेड ट्रेक्शन लाइन एवं पोल्स की मानक स्थिति तथा मार्ग में पड़ने वाले पुल/पुलियों, समपार फाटकों, अंडर पासों आदि का संरक्षा निरीक्षण किया ।
पिवकोल रेलवे स्टेशन पर रेल संरक्षा आयुक्त ने यार्ड रिमाडलिंग के कार्यों के साथ वी डी यू पैनल, रिले रूम तथा सलेमपुर इंड पर संरक्षा गेयरों के बदलाव आदि का निरीक्षण किया और विस्तृत जानकारी ली ।
निरीक्षण के अंत में रेल संरक्षा आयुक्त ने ओ एम एस स्पेशल ट्रेन से पिवकोल से लार रोड रेल खण्ड का स्पीड ट्रायल 127 किमी/घंटे की अधिकतम रफ्तार से सफलतापूर्वक पूरा किया।
ज्ञातव्य हो भटनी-औंड़िहार रेलखण्ड दोहरीकरण परियोजना राष्ट्रीय रेल नेटवर्क के लिए एक रणनीतिक संवर्धन है, जिसे बहुआयामी लाभ प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर, यह पूर्वोत्तर रेलवे के सबसे व्यस्त एकल-लाइन खंडों में से एक पर भीड़भाड़ को कम करेगा। रेल लाइन क्षमता में यह वृद्धि यात्री और माल ढुलाई दोनों सेवाओं के लिए उच्च गति और आवृत्ति में वृद्धि को सक्षम बनाएगी, जिससे प्रतीक्षा समय और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और रेल यात्रियों की सुविधा में सुधार होगा।संतुष्टि और समग्र परिचालन दक्षता में सुधार होगा। इसके अलावा, पूर्वी उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी में ज़बरदस्त सुधार करके, यह परियोजना क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देगी ।
इस परियोजना के अन्तर्गत कीड़िहरापुर-इन्दारा, सादात-औंड़िहार, भटनी-पिवकोल, बेलथरा रोड-कीड़िहरापुर, दुल्लहपुर-सादात, मऊ-दुल्लहपुर, पिवकोल से लार रोड खंडों सहित कुल 117 किमी. का कार्य पूरा हो चुका है। शेष लार रोड से बेल्थरा रोड (13.85 किमी.) खंड के दोहरीकरण का कार्य, जिसमें घाघरा नदी पर तुर्तीपार रेल पुल का निर्माण कार्य सम्मिलित है, तीव्र गति से चल रहा है। यह दोहरीकरण परियोजना पूर्वी उत्तर प्रदेश में देवरिया, बलिया, मऊ एवं गाजीपुर जनपदों में अवस्थित है। इसके अतिरिक्त घाघरा नदी पर बन रहे महत्वपूर्ण पुल संख्या 31 का कार्य अंतिम चरण में हैं। लाररोड-बेल्थरा रोड 13.85 किमी. खंड का दोहरीकरण कार्य पूरा हो जाने पर गोरखपुर से वाराणसी तक पूरा रेलखंड दोहरीकृत हो जायेगा।



