बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास भवन सभागार में सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न योजनाओं और विभागों की रैंकिंग खराब पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री आवास योजना में जनपद की रैंकिंग ‘सी’ पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। वहीं सेतु निर्माण और पोषण अभियान में ‘डी’ रैंकिंग मिलने पर भी उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई। निर्माण कार्य की रैंकिंग पहले ‘बी’ थी जो अब ‘सी’ हो गई है, इस पर भी जिलाधिकारी ने असंतोष जताते हुए सुधार के निर्देश दिए।
राजस्व विभाग में मंडी आय की रैंकिंग ‘बी’ आने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
रैंकिंग सुधारने के लिए सख्त निर्देश, समय सीमा पार होने पर एफआईआर की चेतावनी
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में ‘सी’ रैंकिंग आने पर उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा में रैंकिंग ‘ए’ होनी चाहिए, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में पहले ‘ए’ रैंकिंग होने के बावजूद इस बार ‘बी’ रैंकिंग आने पर जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मार्च का महीना चल रहा है और शासन स्तर पर पूरे वर्ष की समीक्षा होगी, इसलिए सभी विभाग सतर्क रहकर कार्य करें। बैठक में निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।
किसान कल्याण परियोजना के तहत बेरूआरबारी में निर्माण केंद्र के कार्य में देरी होने पर जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही मॉनिटरिंग में लापरवाही बरतने पर कार्यदायी संस्था से स्पष्टीकरण मांगा गया। उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा जनपद के मैरीटार गांव में पर्यटन विकास के कार्य (लागत 4 करोड़ 99 लाख रुपये) में मात्र 53 प्रतिशत प्रगति और देरी पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई।
इसी तरह उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनियर के निर्माण कार्य में 87 प्रतिशत प्रगति होने के बावजूद कार्य अधूरा रहने पर उन्होंने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की निर्माण इकाई बैरिया द्वारा अग्निशमन केंद्र बैरिया के आवासीय भवनों (लागत 7 करोड़ 85 लाख रुपये) का निर्माण वर्ष 2025 तक पूरा होना था, लेकिन कार्य पूरा न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिन निर्माण कार्यों की समय सीमा समाप्त हो चुकी है, उन्हें शीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं ने पूरा धन प्राप्त करने के बावजूद कार्य पूरा नहीं किया है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जहां निर्माण कार्यों में समय सीमा से संबंधित समस्या है, वहां आवश्यकतानुसार समयावधि बढ़ाने की प्रक्रिया पूरी की जाए ताकि जनपद की रैंकिंग प्रभावित न हो। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, डीडीओ आनंद प्रकाश एवं समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।



