सिंचाई एवं बाढ़ विभाग की जन-जागरूकता पदयात्रा, बाढ़ सुरक्षा एवं विकास कार्यों की दी जानकारी।

"तुर्तीपार से हाहा नाला तटबंध तक निकली बाढ़ जागरूकता पदयात्रा, विकास और विश्वास का संदेश लेकर पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिकारी"

संवाददाता : ओम प्रकाश सिंह 

बेल्थरा रोड़ बलिया। बाढ़ सुरक्षा एवं जन-जागरूकता अभियान के तहत सिंचाई एवं बाढ़ विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा तुरतीपार रेगुलेटर से हाहा नाला तटबंध तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा के दौरान विभागीय अधिकारियों ने क्षेत्रीय नागरिकों को बाढ़ से बचाव, कटान निरोधक कार्यों तथा सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी।
इस अवसर पर अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार के "विकास एवं विश्वास के 12 वर्ष" तथा उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। पदयात्रा के दौरान ग्रामीणों को बाढ़ नियंत्रण, तटबंधों की सुरक्षा, नदी कटान रोकने के लिए किए गए स्थायी एवं अस्थायी उपायों तथा आपदा के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया गया।
सिंचाई एवं बाढ़ विभाग के अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। नदियों के किनारे कटान रोधी कार्य, तटबंधों का सुदृढ़ीकरण एवं जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य बाढ़ से होने वाले नुकसान को न्यूनतम करना तथा आमजन को सुरक्षित रखना है।
पदयात्रा में सहायक अभियंता देवेश कुमार, आकाश यादव, मोहित गुप्ता एवं नकुल त्यागी सहित विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया। वहीं अवर अभियंता राजेश कुमार राव, विनीत कुमार तिवारी, प्रशांत सिंह एवं अंगद कुशवाहा ने भी जन-जागरूकता अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में ग्राम प्रतिनिधि अम्बरीश सिंह, पूर्व प्रधान अखिलेश कन्नौजिया, बलवीर सिंह, पप्पू पांडेय, बृजेश शर्मा, चंदन सैनी, अभय सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

पदयात्रा के समापन पर अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि बाढ़ के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा प्रशासन एवं सिंचाई विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और जागरूकता के माध्यम से ही बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।
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