जननायक स्व. उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा आज, बलिया शिवरामपुर घाट पर होगा अंतिम संस्कार

नम आंखों से विदाई देगा बलिया, सड़कों पर होगा जनसैलाब

बलिया। 358, रसड़ा विधानसभा सीट से लोकप्रिय विधायक रहे उमाशंकर सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके निधन की खबर से न सिर्फ रसड़ा, बल्कि पूरे बलिया जनपद में शोक की लहर दौड़ गई है।
हर दिल अज़ीज़ और जनसेवा के पर्याय रहे अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए आज पूरा बलिया सड़कें पर उतरने को बेताब है।
इससे पहले गुरुवार को जब स्व. उमाशंकर सिंह का पार्थिव शरीर रसड़ा के प्यारेलाल चौराहे पर पहुंचा, तो पूरा इलाका 'उमाशंकर सिंह अमर रहें' के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।
सड़कों पर हजारों लोगों का हुजूम था, तो वहीं मकानों और दुकानों की छतों से छलकती नम आंखें अपने 'जननायक' की एक आखिरी झलक पाने को बेताब दिख रही थीं।
प्यारेलाल चौराहे से होते हुए अंतिम यात्रा उनके पैतृक गांव खनवर स्थित पैतृक आवास पहुंची, जहां देर शाम तक समर्थकों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और आम जनता द्वारा अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करने का सिलसिला चलता रहा।
रसड़ा की गलियां अपने इस लोकप्रिय नेता के जाने पर पूरी तरह गमगीन नजर आईं।
पूर्व विधायक स्वर्गीय उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा आज शुक्रवार 07 अगस्त की सुबह 10:30 बजे उनके पैतृक गांव खनवर से निकाली जाएगी।
प्रशासन और परिजनों द्वारा तय किए गए मार्ग के अनुसार, अंतिम यात्रा उनके पैतृक गांव खनवर से प्रारंभ होकर चोगड़ा, चिलकहर, फेफना, चित्तू पाण्डेय चौराहा, स्टेशन माल गोदाम रोड, हनुमान गढ़ी मंदिर, शनिचरी मंदिर, महावीर घाट होते हुए शिवरामपुर घाट पहुंचेगी । जहां उनका अंतिम संस्कार पूर्ण वैदिक विधि-विधान और राजकीय/सम्मान के साथ गंगा के पवित्र तट पर संपन्न होगा।
रसड़ा की सड़कों पर उमड़ा यह अपार जनसैलाब इस बात का सबूत है कि उमाशंकर सिंह महज एक विधायक नहीं, बल्कि क्षेत्र के हर नागरिक के सुख-दुख के सच्चे साथी थे।
भारत मीडिया परिवार ईश्वर से प्रार्थना करता है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार व समर्थकों को यह असीम दुख सहने का संबल प्रदान करें।


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