लाठी-डंडों के सहारे बिजली के तार, बड़े हादसे को दावत दे रही अव्यवस्था, सभासद ने उठाई आवाज

रिपोर्ट- गौहर खान 
सरकार की तमाम योजनाओं के बावजूद नई बस्ती में नहीं हुआ समुचित विद्युतीकरण, पूर्व आर्मी कैप्टन ने कई बार अधिकारियों को कराया अवगत

सिकंदरपुर, बलिया। सरकार भले ही हर घर तक बिजली पहुंचाने और गांव-शहर को रोशन करने के लिए तमाम योजनाएं चला रही हो, लेकिन आदर्श नगर पंचायत सिकंदरपुर के वार्ड नंबर- 2 स्थित डोमनपुरा की नई बस्ती/सैनिक कॉलोनी में तस्वीर सरकारी दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। यहां आज भी समुचित विद्युतीकरण नहीं होने के कारण लोग लाठी-डंडों के सहारे विद्युत तार अपने घरों तक ले जाने को मजबूर हैं। बस्ती में फैले अव्यवस्थित और नीचे लटकते तार किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक बस्ती में विद्युत पोल एवं सुरक्षित विद्युत लाइन की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं को अपने स्तर से तार खींचकर बिजली का इंतजाम करना पड़ रहा है। कई जगह तार लकड़ी के डंडों के सहारे टिके हुए हैं तो कहीं जमीन और रास्ते के बेहद करीब से गुजर रहे हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में करंट और शॉर्ट सर्किट का खतरा और बढ़ गया है।
कई बार अधिकारियों को कराया अवगत, फिर भी नहीं हुई सुनवाई
कॉलोनी में रहने वाले पूर्व आर्मी कैप्टन शमशाद अहमद का कहना है कि बस्ती की विद्युत समस्या को लेकर उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है। इसके बावजूद अब तक समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि “लाठी-डंडों के सहारे बिजली के तार ले जाना मजबूरी बन गई है। यह व्यवस्था कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। अधिकारियों को समय रहते संज्ञान लेकर सुरक्षित विद्युत व्यवस्था उपलब्ध करानी चाहिए।”
सभासद ने भी उठाई आवाज
वार्ड नंबर- 2 के सभासद मो. शोएब खान उर्फ राजा ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को पत्र देकर मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बस्ती का स्थलीय निरीक्षण कराकर विद्युत पोल लगाने, सुरक्षित लाइन बिछाने और अव्यवस्थित तारों को हटाकर व्यवस्थित कराने की मांग की है।
सभासद का कहना है कि जब सरकार हर घर को बिजली से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है, ऐसे में नगर क्षेत्र की इस बस्ती के लोगों को मूलभूत विद्युत सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। यह न केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।
बड़ा सवाल—हादसे का इंतजार क्यों?
बस्तीवासियों का कहना है कि विभाग को किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय पहले ही समस्या का समाधान करना चाहिए। यदि समय रहते विद्युत पोल और सुरक्षित तारों की व्यवस्था नहीं की गई तो लाठी-डंडों के सहारे खींचे गए ये तार कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं।
अब देखना यह है कि शिकायतों और जनप्रतिनिधि की मांग के बाद विद्युत विभाग कब जागता है और नई बस्ती को सुरक्षित एवं व्यवस्थित विद्युत आपूर्ति कब मिलती है।
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