बलिया। कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन बलिया के पूर्व अध्यक्ष एवं अधिवक्ता ओमप्रकाश दुबे और उनकी पत्नी इंदु देवी (53) की गंगा में डूबने से हुई मौत की घटना से अधिवक्ता समाज में शोक की लहर है। बुधवार को अधिवक्ता ओमप्रकाश दुबे का शव भी गंगा नदी से बरामद कर लिया गया। इससे परिजनों में कोहराम मच गया और साथी अधिवक्ताओं में गहरा दुःख व्याप्त है।
बताया गया कि सोमवार को ओमप्रकाश दुबे अपनी पत्नी इंदु देवी के साथ पूजा सामग्री विसर्जित करने जनेश्वर मिश्र सेतु के पास गंगा नदी पहुंचे थे। नदी में जलस्तर बढ़ा होने के कारण पूजा सामग्री विसर्जित करते समय अचानक पैर फिसलने से दोनों लोग गहरे पानी में चले गए। हादसे में इंदु देवी का शव मंगलवार को बरामद हुआ था, जबकि ओमप्रकाश दुबे की तलाश में एनडीआरएफ की टीम ने देर शाम तक अभियान चलाया। बुधवार को उनका शव भी बरामद कर लिया गया।
ओमप्रकाश दुबे कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन बलिया के पूर्व अध्यक्ष रहे थे। अधिवक्ता समाज में उनकी अलग पहचान थी।
घटना के बाद क्रिमिनल एंड रेवेन्यू बार एसोसिएशन बलिया तथा दि सिविल बार एसोसिएशन बलिया द्वारा शोक व्यक्त करते हुए आज पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया। बार एसोसिएशनों की ओर से शोक सभा आयोजित कर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई तथा शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।
क्रिमिनल एंड रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र नाथ मिश्र, दि सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र बहादुर सिंह और
क्रिमिनल एंड रेवेन्यू बार एसोसिएशन के महासचिव भूपेंद्र कुमार सिंह ने ओमप्रकाश दुबे एवं उनकी पत्नी इंदु देवी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिवार के साथ-साथ पूरे अधिवक्ता समाज के लिए अत्यंत पीड़ादायक क्षति है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
अधिवक्ताओं ने कहा कि ओमप्रकाश दुबे का निधन अधिवक्ता समाज के लिए अत्यंत दुःखद एवं अपूरणीय क्षति है। सभी ने ईश्वर से दिवंगत ओमप्रकाश दुबे एवं उनकी पत्नी इंदु देवी की आत्मा को शांति प्रदान करने तथा परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।



