सिकंदरपुर, बलिया। दरगाह हज़रत सैयद शाहवली कादरी के परिसर में हज़रत सैयद जमालुद्दीन अजमली की याद में आयोजित वार्षिक इनामी मालूमाती मुकाबला इस वर्ष भी उत्साह, अनुशासन और शानदार अंदाज में संपन्न हुआ।
मुकाबले में विभिन्न टीमों ने हिस्सा लिया और ज्ञानवर्धक सवालों के जवाब देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में गाजीपुर की टीम ने प्रथम स्थान हासिल कर खिताब अपने नाम किया।
कार्यक्रम में नेशनल अवार्ड के लिए नामित डॉ. इफ्तेखार खान साहब को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद डॉ. इफ्तेखार खान कार्यक्रम में पहुंचे और कुछ समय तक मौजूद रहकर आयोजन की गरिमा बढ़ाई। व्यस्त कार्यक्रम के चलते बाद में उन्हें वहां से प्रस्थान करना पड़ा।
कार्यक्रम में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के उर्दू विभाग के अध्यक्ष प्रो. सैयद सिराजुद्दीन अजमली विशेष अतिथि एवं निर्णायक के रूप में मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी ने आयोजन को विशेष बना दिया। प्रतियोगिता के परिणाम की घोषणा के बाद उनके हाथों प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली गाजीपुर की टीम को ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता में चांदनी चौक की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि अंजुमन अकमल अजमल की टीम तृतीय स्थान पर रही। तीनों स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को अतिथियों एवं आयोजकों की ओर से सम्मानित किया गया।
मुकाबले की स्कोरिंग व्यवस्था की जिम्मेदारी हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मास्टर नजरुल बारी (बबलू मास्टर) एवं इरशाद मास्टर ने बखूबी निभाई। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन सैयद कमर अजमली ने किया। अतिथियों के स्वागत में सैयद जफर अजमली एवं सैयद कमर अजमली की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के उर्दू विभाग का अध्यक्ष बनाए जाने पर प्रो. सैयद सिराजुद्दीन अजमली को दरगाह की ओर से विशेष रूप से सम्मानित किया गया। दरगाह के मुतवल्ली डॉ. मिनहाजुद्दीन अजमल की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में दारुल उलूम सरकरे आसी के प्रधानाचार्य मौलाना रहमतुल्लाह एवं हाफिज हमीदुल कादरी के हाथों प्रो. अजमली को अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पूर्व चेयरमैन प्रत्याशी फैजी अंसारी ने भी प्रो. सैयद सिराजुद्दीन अजमली को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और आयोजन समिति के सदस्यों ने प्रो. अजमली को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समापन अवसर पर दरगाह के मुतवल्ली डॉ. मिनहाजुद्दीन अजमल ने मुख्य अतिथि, विशेष अतिथि, निर्णायक मंडल, सभी प्रतिभागी टीमों, आयोजकों, सहयोगियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के मालूमाती मुकाबले नई पीढ़ी में ज्ञान, धार्मिक एवं सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।



