कस्तूरबा विद्यालय में डीएम का औचक निरीक्षण, छात्राओं से संवाद कर परखी व्यवस्थाएं

कस्तूरबा विद्यालय की बेटियों से संवाद, डीएम ने जाना शिक्षा और सुविधाओं का हाल

बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को विकासखंड बेलहरी के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बिगही का औचक निरीक्षण किया।अचानक विद्यालय पहुंचे डीएम ने शैक्षणिक एवं आवासीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने छात्राओं से सीधे संवाद कर पढ़ाई के साथ ही विद्यालय में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। 
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रधानाचार्य से विद्यालय की व्यवस्थाओं, शिक्षण कार्य, भोजन, आवास सहित अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने विद्यालय के विभिन्न कक्षों में जाकर छात्राओं से पढ़ाई के संबंध में बातचीत की। डीएम ने कंप्यूटर कक्ष का भी निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं को देखा। 
उन्होंने छात्राओं से सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल पूछे तथा उनकी जानकारी परखी। जिलाधिकारी ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाए और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने छात्राओं से भोजन की गुणवत्ता और समय पर भोजन मिलने के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने सोने की व्यवस्था के बारे में भी छात्राओं से पूछताछ की। 
इस दौरान उन्होंने विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं होने वाले बच्चों की जानकारी ली और संबंधित शिक्षकों को निर्देश दिया कि ऐसे बच्चों को विद्यालय लाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय के सभी कक्षों और विभिन्न व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। उन्होंने छात्राओं से खुलकर बातचीत कर उनकी समस्याएं और आवश्यकताएं जानीं। डीएम ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने तथा छात्राओं की शिक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
कस्तूरबा विद्यालय में निर्माण कार्यों का डीएम ने लिया जायजा, अक्टूबर तक हैंडओवर करने के दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बिगही बेलहरी में निर्माणाधीन एकेडमिक ब्लॉक एवं छात्रावास भवन का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने विद्यालय परिसर के विभिन्न कक्षों में जाकर निर्माण की गुणवत्ता को बारीकी से परखा तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विद्यालय में एकेडमिक ब्लॉक एवं छात्रावास सहित विभिन्न निर्माण कार्य 406.02 लाख रुपये की लागत से कराए जा रहे हैं। निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ को दी गई है। परियोजना के तहत एकेडमिक ब्लॉक एवं छात्रावास का निर्माण, आंतरिक एवं बाह्य सैनिटेशन व सीवरेज कार्य, लैब का अतिरिक्त कार्य, बोरिंग एवं समर्सिबल, आंतरिक विद्युतीकरण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं ड्रेनेज, सेप्टिक टैंक विद सोक पिट तथा अग्निशमन व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
केनिरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि परियोजना का लगभग 76 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए शेष कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अक्टूबर माह तक सभी निर्माण कार्य पूर्ण कर विद्यालय को हैंडओवर किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। नक्शे का अवलोकन करते हुए जिलाधिकारी ने सुनिश्चित किया कि निर्माण कार्य स्वीकृत मानकों एवं डिजाइन के अनुरूप ही कराया जाए। जिलाधिकारी ने सभी कक्षों का निरीक्षण कर निर्माण की गुणवत्ता, विद्युत एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा किया जाए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी। विद्यालय का यह भवन पूर्ण होने के बाद बालिकाओं को बेहतर शैक्षिक वातावरण के साथ सुरक्षित एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे उनके शिक्षा के अवसरों को और मजबूती मिलेगी। निरीक्षण में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह, कार्यदाई संस्था के अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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