बलिया। लोकसभा क्षेत्र बलिया के सांसद सनातन पाण्डेय ने गुरुवार को 'बाल विवाह मुक्ति रथ' को बलिया डाक बांगला के परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम में माननीय सांसद ने हस्ताक्षर कर अन्य लोगों के साथ बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली। इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता एवं बाल कल्याण समिति अध्यक्ष अजहर अली एवं महिला विभाग से अंजली सिंह मौजूद रहे। इस अवसर पर बलिया जिले में जगह-जगह बाल विवाह के खिलाफ शपथ समारोह आयोजित किए। संगठन ने जनसमुदाय को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया और उन्हें समझाया कि कानून के अनुसार बाल विवाह में किसी भी तरह से शामिल होने या सहायता करने वालों जिसमें शादी में आए मेहमान, कैटरर्स, टेंट वाले, बैंड वाले, सजावट वाले या बाल विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहित, सभी को इस अपराध को बढ़ावा देने के जुर्म में सजा हो सकती है।
पिछले कुछ वर्षों से कानून लागू करने वाली एजेंसियों व जिला प्रशासन के साथ करीबी समन्वय से काम करते हुए नव भारतीय नारी विकास समिति ने पिछले एक वर्ष में ही 150 बाल विवाह रुकवाए हैं।बाल विवाह के खिलाफ जारी अभियान को और गति व मजबूती देने वाली सरकार की इस घोषणा का स्वागत करते हुए नव भारतीय नारी विकास समिति के अज़हर अली ने कहा कि स्कूलों, कालेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में जागरूकता के प्रसार पर यह 100 दिवसीय गहन अभियान देश की दिशा बदलने वाला साबित होगा और हमें प्रधानमंत्री के विकसित भारत के लक्ष्य के करीब लाएगा। सदियों से हमारी बेटियों को अवसरों से वंचित किया गया है और विवाह के नाम पर उन्हें अत्याचार, शोषण और बलात्कार की ओर धकेला गया है।
जन प्रतिनिधियों, सरकारी विभागों, कानून लागू करने वाली एजेंसियों और समुदायों का अभूतपूर्व तरीके से एक साथ आना, बाल विवाह के खात्मे के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता और प्रयासों को नई ऊर्जा व रफ्तार देगा। इस समन्वय और सामूहिक संकल्प से हम जिले को साल भर के भीतर बाल विवाह मुक्त बनाने के प्रति आश्वस्त हैं और अब इस अपराध को छिपने के लिए कहीं भी जगह नहीं मिलेगी”। सौ दिन के इस गहन जागरूकता अभियान को तीन चरणों में बांटा गया है और इसका आखिरी चरण 8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर समाप्त होगा।



