हत्या के एक मामले में पति- पत्नी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास सहित पचास-पचास हजार रुपये के अर्थदंड की सजा

भैंस बांधने के विवाद में हुई हत्या में पांच साल मिला न्याय 

बलिया। पुलिस महानिदेशक उ०प्र०, लखनऊ द्वारा चलाए जा रहे अभियान “OPERATION CONVICTION” के अन्तर्गत पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन विभाग के प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप धारा 304 भाग दो सपठित धारा 34 भादवि के मामले में 02 नफर अभियुक्तों को 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 50,000-50,000 (पचास-पचास हजार) रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया गया ।

दिनांक 27.02.2026 को बलिया पुलिस के मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन विभाग के अभियोजन अधिकारी विजय शंकर पांडेय की प्रभावी पैरवी से थाना उभांव में पंजीकृत मु०अ०सं०- 88/2020 की धारा 304/34,504 भादवि में 02 अभियुक्तों रामभुवन पुत्र स्व० जनकदेव और उर्मिला देवी पत्नी रामभुवन दोनों निवासी बहुताचक उपाध्याय थाना उभांव बलिया को माननीय न्यायालय सत्र न्यायाधीश जनपद बलिया द्वारा धारा 304 भाग दो सपठित धारा 34 भादवि में दोषसिद्ध पाते हुए प्रत्येक अभियुक्त को 10 वर्ष के सश्रम कारावास व 50,000-50,000/ (पचास-पचास हजार) रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया गया । अर्थदंड न अदा करने पर प्रत्येक अभियुक्त को 02 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा ।
घटना के संबंध में वादिनी द्वारा 08.08.2020 को थाना उभांव में प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की गयी कि अभियुक्तों की भैंस खडंजा पर बंधी थी, तो मेरे पति राहुल मना किए तो अभियुक्त गाली-गुप्ता देने लगे तथा मारने के लिए दौड़ा लिए, जब मेरे पति घर चले आए तो अभियुक्तों द्वारा एक राय होकर मेरे घर पर आकर गाली गुप्ता देते हुए मेरे पति को बुरी तरह से मारा-पीटा जिससे मेरे पति को गम्भीर चोटें आयीं । वादिनी अपने पति को लेकर प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र सीयर ले गयी, जहां से रेफर कर दिया गया जिनकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गयी । इस सम्बन्ध में थाना उभांव में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर साक्ष्य संकलन के आधार पर विवेचनात्मक कार्यवाही पूर्ण कर आरोप पत्र माननीय न्यायालय प्रेषित किया गया ।




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