बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा को लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं की रैंकिंग की गहन समीक्षा की गई, जिसमें कई योजनाओं में अपेक्षित प्रगति न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
छात्रवृत्ति योजना में अल्पसंख्यक विभाग की रैंकिंग ‘ए’ पाए जाने पर संतोष जताया गया, जबकि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में रैंकिंग ‘डी’ होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इसमें और अधिक मेहनत की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि रैंकिंग में सुधार लाया जाए, किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शादी अनुदान योजना में रैंकिंग ‘सी’ पाए जाने पर जिलाधिकारी ने जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया कि योजना के क्रियान्वयन में सुधार कर रैंकिंग बेहतर की जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में रैंकिंग ‘डी’ पाए जाने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी को कड़े निर्देश दिए गए कि शीघ्र सुधार करते हुए रैंकिंग में प्रगति सुनिश्चित करें। छात्रवृत्ति योजना में रैंकिंग ‘सी’ होने पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को चेतावनी दी कि इस बार छात्रवृत्ति के मामले में रैंकिंग ‘ए’ में होनी चाहिए, अन्यथा प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
पोषण अभियान में रैंकिंग ‘डी’ पाए जाने पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कार्यों में तेजी लाई जाए और माह के अंत तक रैंकिंग ‘बी’ में लाने का प्रयास किया जाए। इसके अलावा ओडीओपी टूल किट योजना में रैंकिंग ‘डी’ होने पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए रैंकिंग सुधारने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में रैंकिंग ‘बी’ आने पर जिलाधिकारी ने कहा कि पहले यह योजना रैंकिंग ‘ए’ में थी और इसे पुनः ‘ए’ श्रेणी में लाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की रैंकिंग को गंभीरता से लेते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दें।
निर्माण निगम की योजनाओं की समीक्षा, डीएम ने समयबद्ध पूर्णता के दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम लिमिटेड की योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि योजना 13 के अंतर्गत संचालित 13 योजनाओं में से 10 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि तीन योजनाएं नई हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शेष नई योजनाओं को निर्धारित समय अवधि के भीतर हर हाल में पूर्ण कराया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि विलंबित योजनाओं के कारण जिले की रैंकिंग प्रभावित हो रही है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता पर लेते हुए शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि रैंकिंग में सुधार हो सके।
समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि मंडी परिषद से संबंधित एक कार्य विलंबित योजनाओं की श्रेणी में दर्शाया जा रहा है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य में आ रही कमियों को दूर कर जल्द से जल्द काम पूरा कराया जाए और रैंकिंग में सुधार सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि यदि किसी योजना में भूमि से संबंधित कोई समस्या आ रही हो तो उसकी जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय रहते समाधान कर योजना को विलंबित होने से बचाया जा सके। बैठक में एडीएम अनिल कुमार एवं समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।



