बलिया। उत्तर प्रदेश सरकार के “नव निर्माण के नौ वर्ष पूर्ण” होने के अवसर पर शुक्रवार को गंगा बहुउद्देशीय परिसर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत के साथ हुआ, जिससे आयोजन को सांस्कृतिक गरिमा मिली। कार्यक्रम में आईसीडीएस विभाग द्वारा अपनी विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। विभाग ने अलग- अलग गतिविधियों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई और उन्हें जागरूक किया। विभागीय जानकारी के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों को ड्राई राशन योजना के तहत गेहूं, दलिया, दाल एवं फोर्टिफाइड तेल वितरित किया जा रहा है। वहीं, पोषण ट्रैकर ऐप और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 11,866 बच्चों को 3,72,27,000 रुपये की धनराशि से लाभान्वित किया गया। जनपद में 269 सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों को बाला वॉल पेंटिंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पोषण वाटिका, एलईडी टीवी, आरओ मशीन और ईसीसीई सामग्री से सुसज्जित किया गया है। इसके अतिरिक्त 92 आंगनबाड़ी केंद्रों को लर्निंग लैब के रूप में विकसित कर 18 इंडिकेटर्स पर संतृप्त किया गया है, जबकि 3471 केंद्रों पर स्मार्टफोन और जीएमडी टूल्स उपलब्ध कराए गए हैं। मानव संसाधन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। 20 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मुख्य सेविका पद पर चयनित किया गया, 78 सहायिकाओं को पदोन्नत कर कार्यकत्री बनाया गया तथा 288 नई कार्यकत्रियों का चयन किया गया। वर्तमान में 1365 सहायिकाओं और 13 कार्यकत्रियों के पदों पर चयन प्रक्रिया जारी है। कार्यक्रम के दौरान ड्राई राशन वितरण में एफआरएस (चेहरा प्रमाणीकरण) प्रणाली के प्रति जागरूकता के लिए नाटक (रोल प्ले) और सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं के तहत लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई। कन्या विवाह सहायता योजना के 3 और मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के 8 लाभार्थियों सहित कुल 11 लोगों को 51,803 रुपये की धनराशि के प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
मुख्य अतिथि जिला कार्यक्रम अधिकारी, आईसीडीएस बलिया ने लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। श्रम प्रवर्तन अधिकारी जितेन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में पंजीयन, नवीनीकरण और विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी, सभी विकास खंडों के बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविकाएं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



