बलिया। मुख्य अभियन्ता, आजमगढ़ क्षेत्र द्वारा बुधवार को कृषि भवन, बलिया में विद्युत विभाग के कार्यों की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में जनपद की विद्युत आपूर्ति, राजस्व वसूली, जन शिकायतों के निस्तारण, वीआईपी प्रकरणों, बिजनेस प्लान, सांसद निधि एवं विधायक निधि से संचालित कार्यों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। समीक्षा बैठक में जनपद के सभी अवर अभियन्ता, उपखण्ड अधिकारी, अधिशासी अभियन्ता, अधीक्षण अभियन्ता तथा कार्यकारी सहायक उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान मुख्य अभियन्ता ने 1912 हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आम उपभोक्ताओं के फोन कॉल का तत्परता से जवाब देने तथा निर्धारित शेड्यूल के अनुसार निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, विद्युत परिवर्तकों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर बदलने के लिए भी निर्देशित किया गया।
समीक्षा में कार्यों के प्रति लापरवाही पाए जाने पर मुख्य अभियन्ता ने कड़ा रुख अपनाया। ट्रांसफार्मर बदलने में विलंब तथा 1912 पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में उदासीनता बरतने के आरोप में उपखण्ड अधिकारी सिकन्दरपुर को आरोप पत्र जारी किया गया। वहीं, विद्युत वितरण खण्ड बांसडीह के अधिशासी अभियन्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इसके अतिरिक्त, अवर अभियन्ता सिकन्दरपुर (ग्रामीण) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जबकि संबंधित कार्यकारी सहायक को भी आरोप पत्र निर्गत किया गया है। मुख्य अभियन्ता ने स्पष्ट कहा कि उपभोक्ता हितों की अनदेखी और कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी तथा दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।



