25 लाख शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता खत्म कराने की मांग को लेकर शिक्षकों ने बलिया में सलेमपुर सांसद को सौंपा ज्ञापन

बेल्थरा रोड, बलिया। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) की अनिवार्यता समाप्त कराने की मांग को लेकर गुरुवार को सलेमपुर के सांसद रमाशंकर राजभर 'विद्यार्थी' को ज्ञापन सौंपा। फेडरेशन ने सांसद से अनुरोध किया कि एनसीटीई द्वारा 23 अगस्त 2010 को निर्धारित *Minimum Qualification* के पैरा-4 को संसद से पारित कराकर निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम में शामिल कराने के लिए प्रभावी पहल करें।
ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 में शिक्षक नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता निर्धारित करने का अधिकार अकादमिक प्राधिकरण को दिया गया था। इसके तहत एनसीटीई ने 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना जारी की थी, जिसके पैरा-4 में स्पष्ट रूप से 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट प्रदान की गई थी। फेडरेशन का कहना है कि हाल के न्यायिक आदेशों के बाद इस छूट को समाप्त मानते हुए वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए भी टीईटी उत्तीर्ण करना आवश्यक कर दिया गया है, जिससे देशभर के लगभग 25 लाख शिक्षकों की सेवाएं प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो गई है। 
फेडरेशन ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि किसी भी सरकारी सेवा में नियुक्ति के 25 से 30 वर्ष बाद नई परीक्षा अनिवार्य करने की परंपरा नहीं रही है। अन्य सेवाओं में भी संशोधित योग्यता पूर्व से कार्यरत कर्मचारियों पर लागू नहीं की जाती। ऐसे में लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर नई पात्रता परीक्षा लागू करना न्यायसंगत नहीं है।
सांसद मीडिया प्रभारी जितेश कुमार वर्मा एडवोकेट ने बताया कि सांसद रमाशंकर राजभर ने शिक्षकों की मांग को गंभीरता से सुना है। उन्होंने कहा कि लाखों शिक्षकों से जुड़े इस विषय को संसद तथा केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे और उनकी जायज मांगों को उचित मंच पर मजबूती से रखा जाएगा।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों को भी ज्ञापन भेजा जा चुका है तथा दिल्ली में विशाल रैली आयोजित कर मांग उठाई गई थी। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह, जिलामंत्री राजेश पाण्डेय, सुशील कुमार, ज्ञानेंद्र गुप्ता, सैफुद्दीन अंसारी, विनय कुमार यादव, मोहन गुप्ता, तसलीम आरीफ, ओमप्रकाश, सच्चिदानंद, भूपेन्द्र यादव, जितेन्द्र सिंह, रमाकांत सिंह, वेदप्रकाश आर्य, रामप्रवेश चौधरी, मोहन कांत राय, अशोक कुमार, अमित मिश्रा, मोहन जी यादव, दिव्येंदु शर्मा, अजय यादव, जयशंकर प्रसाद सहित सैकड़ों अध्यापक उपस्थित रहे।

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