झारखंड में नेहा बोरा के ऊपर स्याही फेंकने पर भड़के समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश सचिव

पूर्व छात्र नेता शिब्ली नेशनल कालेज आज़मगढ़ अमानुल हक़ अब्बासी ने स्याही के मूल महत्व को किया रेखांकित 

बलिया। झारखंड रांची में छात्रहित में मार्च निकालकर प्रोटेस्ट कर रही छात्र नेत्री, आईसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकने को
प्रदेश सचिव समाजवादी अल्पसंख्यक सभा उत्तर प्रदेश, पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष तहसील अधिवक्ता संघ बेल्थरा रोड, बलिया अमानुल हक़ अब्बासी (एडवोकेट) ने एक कायराना हरकत करार दिया है।
उन्होंने एक बयान जारी करते हुए कहा कि शायद स्याही फेंकने वाले को यह पता नहीं है कि स्याही किसी के उपर फेंकने की चीज नहीं है बल्कि स्याही वो बहुमूल्य चीज़ है जिससे देश का सुंदर भविष्य लिखा जाता है। स्याही वो अमृत है जिसका सही इस्तेमाल किया जाय तो इंसान अमर हो जाता है। स्याही वो रत्न है जो छात्रों, युवाओं की तक़दीर बदलने काम करती है। एक जाहिल और गंवार ही स्याही को किसी को अपमानित करने के लिए फेंक सकता है एक पढ़ा लिखा आदमी यह कभी नहीं कर सकता। 
यह स्याही की ही ताकत है कि आज देश की भाजपा हुकूमत डरी हुई है और अपने कारिंदों से स्याही की इज़्ज़त करने वाले और स्याही को कलम में डालकर तानाशाहों और बर्बर शासकों को सबक सिखाने वाले छात्रों नौजवानों पर फेंकवाने का काम किया जा रहा है। भाजपा सरकार याद रखे जब देश में छात्र सरकार और सिस्टम के खिलाफ आंदोलन करते हैं तो सरकार को हटा देने और सिस्टम को बदल देने का काम करते हैं। भाजपा सरकार की अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
नेहा बोरा तुम्हें घबराने की ज़रूरत नहीं है, तुम सावित्रीबाई की बेटी हो जिनके उपर गोबर फेंका गया। तुम फ़ातिमा शेख़ की बेटी हो जिन्हें ज़लालत झेलनी पड़ी, फिर भी वो निर्भिक और अडिग रहीं और अपने काम को अंजाम दिया। नेहा बोरा आज पुरा देश तुम्हारे साथ खड़ा है, तुम वो शक्ति, वो देवी हो जो इस तानाशाही और भ्रष्ट सिस्टम को बदल कर एक नया भारत बनाने का काम करोगी।


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