बलिया। मुख्य चिकित्साधिकारी सभागार में बुधवार को 41वें नेत्रदान पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आनंद कुमार ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए आमजन को नेत्रदान के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि नेत्रदान एक अनमोल दान है, जो किसी व्यक्ति के जीवन से अंधकार दूर कर उसे रोशनी की ओर ले जाने का काम करता है। कार्यक्रम के दौरान जिला दृष्टिहीनता अधिकारी डॉ. योगेंद्र दास ने नेत्रदान की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी व्यक्ति स्वेच्छा से अपने नेत्रदान का संकल्प ले सकता है। इसके लिए जनपद के नेत्र विभाग में निर्धारित प्रपत्र भरकर पंजीकरण कराया जाता है। पंजीकृत व्यक्ति की मृत्यु के बाद छह से आठ घंटे के भीतर नेत्र सर्जन की टीम द्वारा नेत्र प्राप्त कर नेत्र बैंक में सुरक्षित रखा जाता है। इसके बाद पूर्व से पंजीकृत जरूरतमंद मरीजों में कार्निया प्रत्यारोपण किया जाता है।
उन्होंने बताया कि जिले में 41वां नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जा रहा है, जो 25 अगस्त से 8 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करने के साथ ही विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि नेत्रदान पखवाड़े के तहत जनपद में नेत्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को निशुल्क नेत्र चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने लोगों से अभियान का लाभ उठाने तथा नेत्रदान के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की। इस अवसर पर डॉ. अरविंद चौधरी, डॉ. अभिषेक मिश्रा, नेत्र परीक्षण अधिकारी विमल कुमार गुप्ता, मनीष कुमार, सुषमा यादव, आकांक्षा गुप्ता, जिला समन्वयक रेडक्रॉस शैलेंद्र पांडेय, डीपीए रविशंकर तिवारी, शैलेश कुमार, धीरज, आशुतोष सिंह, गोपाल यादव सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।



