बलिया में 11 नवंबर को सजेगा साहित्य का महाकुंभ, राष्ट्रीय संगोष्ठी, भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में पहुंचेंगे ख्यातिलब्ध कवि/साहित्यकार

आनंद दुबे होंगे मुख्य अतिथि और सत्येंद्र कुमार शर्मा विशिष्ट अतिथि

बलिया। साहित्य, कला, संस्कृति और सृजन को समर्पित "डॉ. राम सेवक विकल साहित्य कला संगम ट्रस्ट" के तत्वावधान में आगामी 11 नवंबर 2026 को जिले के इसारी सलेमपुर में राष्ट्रीय संगोष्ठी-2026, भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर के आयोजन को लेकर साहित्यकारों, कवियों, बुद्धिजीवियों और साहित्य प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से साहित्यकार, कवि, आलोचक और शोधार्थी शामिल होकर साहित्यिक विमर्श में भाग लेंगे।
राष्ट्रीय संगोष्ठी का मुख्य विषय
आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का मुख्य विषय “सृजन-संवाद: डॉ. आदित्य अंशु के रचना कर्म पर केंद्रित” रखा गया है। संगोष्ठी में डॉ. आदित्य अंशु के साहित्यिक अवदान, रचनात्मक दृष्टिकोण और साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही कवि सम्मेलन में रचनाकार अपनी कविताओं के माध्यम से साहित्यिक और सामाजिक सरोकारों को अभिव्यक्ति प्रदान करेंगे। समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
आनंद दुबे होंगे मुख्य अतिथि, सत्येंद्र कुमार शर्मा विशिष्ट अतिथि
साहित्यिक समारोह में बलिया के वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे जबकि प्रखर समाजवादी वक्ता सत्येंद्र कुमार शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। दोनों अतिथियों की उपस्थिति में साहित्य, कला, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सेराज अहमद को विशेष आमंत्रण
इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजन में शामिल होने के लिए वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सेराज अहमद को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। आयोजक मंडल की ओर से जारी आमंत्रण पत्र में उन्हें अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए संस्था ने उन्हें इस साहित्यिक समारोह में सहभागिता के लिए आमंत्रण दिया है।
कवि सम्मेलन में शामिल होंगे अनेक रचनाकार
राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कवि सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों के कई प्रतिष्ठित कवि और रचनाकार अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इनमें रत्नेश ओझा 'राही', हृदय नारायण हेहर', डॉ. सुनील कुमार ओझा, डॉ. फतेहचन्द 'बेचैन', डॉ. शैलेश सिंह 'शौर्य', अशोक कुमार तिवारी 'शांडिल्य अशोक', डॉ. गयाशंकर 'प्रेमी', डॉ. रमाशंकर वर्मा 'मनहर', प्रतिभा यादव, श्वेता पाण्डेय, जयन्त पाण्डेय, विन्ध्याचल सिंह, पवन तिवारी, खुर्शीदआलम, राजू पटकनिया, राघव शर्मा रमन और संतोष ओझा प्रभाकर (धनबाद) सहित कई अन्य कवि /साहित्यकार शामिल होंगे।
कवि सम्मेलन में कवियों की रचनाओं के माध्यम से सामाजिक चेतना, मानवीय संवेदना, राष्ट्रीय भावना और सांस्कृतिक मूल्यों को स्वर मिलने की उम्मीद है। यह आयोजन साहित्यकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने तथा एक-दूसरे के विचारों और रचनात्मक अनुभवों से परिचित होने का अवसर प्रदान करेगा।
साहित्य, कला और समाज सेवा की विभूतियां होंगी सम्मानित
ट्रस्ट के मुख्यालय चंडेश्वर धाम, इसारी सलेमपुर, बलिया से मिली जानकारी के अनुसार, समारोह में साहित्य, पत्रकारिता, कला, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। संस्था का उद्देश्य साहित्यिक चेतना को प्रोत्साहित करना, रचनाकारों को उचित मंच प्रदान करना तथा नई पीढ़ी को साहित्य और संस्कृति से जोड़ना है।
ट्रस्ट का संदेश है— “साहित्य से संस्कार, कला से संस्कृति और सृजन से समाज।” इसी उद्देश्य के साथ संस्था साहित्यकारों, कवियों और रचनाधर्मियों के बीच संवाद स्थापित करने तथा समाज में साहित्यिक-सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में प्रयासरत है।
बताते चलें कि डॉ. राम सेवक विकल साहित्य कला संगम ट्रस्ट उत्तर प्रदेश शासन में पंजीकृत संस्था है। इसके प्रांतीय कार्यालय जमशेदपुर (झारखंड) और सिवान (बिहार) में भी संचालित हैं। आगामी 11 नवंबर को आयोजित होने वाला यह राष्ट्रीय साहित्यिक समारोह पूर्वांचल के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।

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