मधुबन, मऊ। 'राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत' के केन्द्रीय कार्यालय में आज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगदीश सिंह ने संगठन के पत्रकारों से सौहार्दपूर्ण वातावरण में शिष्टाचार भेंट कर खोजी पत्रकारिता और डिजिटल युग की पत्रकारिता पर विस्तार से चर्चा की।
पत्रकारिता के स्वर्णिम इतिहास, 1980 के दशक के दौर से लेकर आधुनिक डिजिटल मीडिया युग तक आए बदलावों पर एक विस्तृत और गंभीर चर्चा हुई।
चर्चा के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सिंह ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि 1980 के दशक में पत्रकारिता साधनों से अधिक निष्ठा और समर्पण पर टिकी थी। उस समय सीमित संसाधनों के बावजूद खबरों की विश्वसनीयता और जमीनी स्तर पर जाकर जनता के मुद्दों को उठाना ही पत्रकार का मुख्य धर्म होता था। प्रिंट मीडिया के पारंपरिक दौर से लेकर टीवी न्यूज़ चैनलों और वर्तमान के डिजिटल/सोशल मीडिया दौर पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि आज सूचनाएं तेजी से पहुंच रही हैं, लेकिन इसके साथ ही खबरों की सत्यता की जांच (Fact-checking) और निष्पक्षता बनाए रखना पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। "राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत" के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि संगठन ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कार्य कर रहे पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान के लिए निरंतर प्रयासरत है। पत्रकारों के उत्पीड़न को रोकने और उन्हें सही मंच प्रदान करने पर विशेष जोर दिया गया।
मुलाकात के अंत में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि "पत्रकारिता लोकतंत्र को चौथा स्तंभ कहा जाता है और इसकी मर्यादा बनाए रखना हर पत्रकार का प्राथमिक कर्तव्य है।" उन्होंने युवा पत्रकारों को सलाह दी कि वे नई तकनीक को अपनाएं, लेकिन पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों और सत्यनिष्ठा से कभी समझौता न करें।
इस शिष्टाचार मुलाकात में भारत मीडिया के संपादक शब्बीर अहमद, सह-संपादक घनश्याम शर्मा और आजमगढ़ मंडल ब्यूरो प्रमुख ओमप्रकाश सिंह सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग एवं स्थानीय पत्रकार भी उपस्थित रहे।



